तुम चले गए
एक अनजानी ख़ुशी का वास्ता दे गए,
साथ ही तुमने दिया एक सूनेपन का भिन्न सा एहसास
तुमने दिया,
तुम्हारी यादों से जुडा एक माहौल मेरे पास
तुमने दिया,
आँखों की अतिथि नमी
तुमने दिया,
तुम्हारी हर वक़्त खलती कमी
और भी जाने तुम क्या क्या दे गए
तुम चले गए एक अनजानी ख़ुशी का वास्ता दे गए |
तुमने दिया,
अपनी अहमियत का उलझा सवाल
इतनी दूरियों के बावजूद नजदीकियों का ख्याल
उदास राहों से जुडा अपने से जूझता बवाल
न जाने तुम हमसे छुड़ाकर क्या क्या ले गए
तुम चले गए एक अनजानी ख़ुशी का वास्ता दे गए.....
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